
एक बार में तीन तलाक को आपराधिक मामला (क्रिमिनल ऑफेंस) के दायरे में लाने के लिए सरकार गुरुवार को लोकसभा में बिल पेश करेगी। इससे पहले पार्लियामेंट्री मीटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों से इस पर एकजुटता दिखाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह बिल महिला से भेदभाव खत्म करने, उन्हें सुरक्षा और सम्मान देने के लिए है। इस बिल को ‘द मुस्लिम वुमन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज’ नाम दिया गया है। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद इसे पेश करेंगे। इस बिल को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अगुआई में इंटर-मिनिस्टिरियल ग्रुप ने तैयार किया है। इसके तहत 'तलाक-ए-बिद्दत' को गैरकानूनी बताया गया है। फिर चाहे वह बोलकर दिया गया हो, ईमेल से दिया गया हो या एसएमएस-वॉट्सऐप से दिया गया हो। बता दें, यूनियन कैबिनेट ने इसी महीने इस बिल के मसौदे को मंजूरी दी थी। दूसरी तरफ, इस मामले में पिटीशनर सायरा बानो ने कहा है कि बहुविवाह और निकाह हलाला को भी बैन करने के लिए कोर्ट में अपील दायर करेंगी।
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