
नोटबंदी और जीएसटी के बाद छोटे कारोबारियों को केंद्र सरकार ने एक बड़ा झटका दिया है। सरकार ने छोटे कारोबारियों को दी जाने वाली क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम बंद कर दी है। सरकार पर बैंकों की लगभग 1300 करोड़ रुपए की देनदारी है, इसलिए इस स्कीम को बंद कर दिया गया है। हालांकि सरकार को कहा जा रहा है कि स्कीम को रिव्यू किया जा रहा है और स्कीम शुरू की जाएगी, लेकिन इससे उलट, सरकार पिछले नौ महीने से इस स्कीम के लिए कोई एप्लीकेशन तक नहीं ले रही है। क्या है स्कीम केंद्र सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) ने साल 2000-01 में क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम फॉर टैक्नोलॉजी अपग्रेडेशन शुरू की थी। इस स्कीम के तहत माइक्रो एवं स्मॉल एंटरप्राइजेज को 1 करोड़ रुपए तक का लोन लेने पर 15 फीसदी (15 लाख रुपए) की सब्सिडी दी जाती थी। यह लोन उन करोबारियों को दिया जाता था तो अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए टैक्नोलॉजी को अपग्रेड करते थे। इस स्कीम का पहले से आईडेंटिफाई 51 प्रोडक्ट्स और सब-सेक्टर्स को दिया जा रहा था। क्यों बंद हुई स्कीम मिनिस्ट्री़ ऑफ एमएसएमई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर moneybhaskar.com को बताया कि दरअसल पिछले कई सालों से बैंकों को सब्सिडी का पैसा नहीं दिया जा रहा था। बैंकों का मिनिस्ट्री ऑफ एमएसएमई पर लगभग 1300 करोड़ रुपए बकाया हो चुका है। ऐसे में, जब पूरी मिनिस्ट्री का बजट ही 3 से 4000 करोड़ रुपए के बीच होता है तो मिनिस्ट्री इतना पैसा कहां से दे, इस वजह से इस स्कीम को बंद करने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि स्कीम के चालू होने की संभावना कम ही है।
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