
सरकार ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि ट्रिपल तलाक पर कानून के लिए बिल ड्राफ्टिंग के वक्त मुस्लिम संगठनों से बातचीत नहीं की गई। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ये बिल जेंडर जस्टिस, जेंडर इक्वालिटी और महिलाओं के सम्मान की हिफाजत करने में मदद करेगा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त को कहा था कि एक साथ तीन तलाक कहने की प्रथा यानी तलाक-ए-बिद्दत वॉइड (शून्य), अनकॉन्स्टिट्यूशनल (असंवैधानिक) और इलीगल (गैरकानूनी) है।
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